भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े 30 रोचक तथ्य

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक कुशल राजनेता थे बल्कि एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और सिद्धांतवादी राजनीतिज्ञ भी थे। उनका जीवन संघर्ष, साहित्य और राष्ट्रसेवा का अनूठा संगम था। आइए जानते हैं उनके जीवन और उपलब्धियों से जुड़े 30 ऐसे रोचक तथ्य जो उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित व्यक्तित्वों में शामिल करता है।
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अटल बिहारी वाजपेई जी से जुड़े 40 रोचक तथ्य

  1. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था।

  2. उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी स्वयं एक शिक्षक और कवि थे जबकि माता का नाम कृष्णा देवी था।

  3. उन्होंने ग्वालियर के सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।

  4. दिलचस्प बात यह है कि कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज में वे अपने ही पिता के सहपाठी थे और दोनों एक ही हॉस्टल कमरे में रहते थे।

  5. उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर से हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषयों में स्नातक किया।

  6. इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।

  7. युवावस्था में वे कुछ समय के लिए साम्यवादी विचारों की ओर आकर्षित हुए थे इससे पहले कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े

  8. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें अपने बड़े भाई प्रेम के साथ गिरफ्तार कर 23 दिनों तक जेल में रखा गया था।

  9. राजनीति में पूर्णकालिक रूप से आने से पहले उन्होंने पत्रकारिता की और राष्ट्रधर्म व पांचजन्य जैसी पत्रिकाओं का संपादन किया।

  10. उन्होंने 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में स्थापित भारतीय जनसंघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।

  11. वे 1968 से 1972 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे।

  12. वे पहली बार 1957 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

  13. अपने पूरे राजनीतिक जीवन में वे दस बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे।

  14. जनता पार्टी की सरकार में वे विदेश मंत्री रहे और 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देने वाले पहले भारतीय नेता बने।

  15. 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान भी उन्हें जेल जाना पड़ा था।

  16. जनता पार्टी सरकार के पतन के बाद 1980 में उन्होंने अन्य साथियों के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना की।

  17. वे लखनऊ लोकसभा सीट से लंबे समय तक सांसद रहे।

  18. वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने, पहली बार 1996 में मात्र 13 दिनों के लिए, दूसरी बार 1998-99 में 13 महीनों के लिए और तीसरी बार 1999 से 2004 तक पूर्ण कार्यकाल के लिए।

  19. वे कांग्रेस पार्टी से बाहर के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।

  20. उनके कार्यकाल में मई 1998 में पोखरण-II परमाणु परीक्षण किए गए, जिसने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्थापित किया।

  21. उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए दिल्ली-लाहौर बस सेवा शुरू की जिसे Bus-Diplomacy  के नाम से जाना जाता है।

  22. उनके कार्यकाल के दौरान ही 1999 में कारगिल युद्ध हुआ जिसमें भारत ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को सफलतापूर्वक खदेड़ा।

  23. उन्होंने आतंकवाद रोकथाम अधिनियम (पोटा) लागू किया और स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग परियोजना तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा योजनाओं की शुरुआत की।

  24. उन्हें 1992 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

  25. 1994 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद (Outstanding Parliamentarian) के पुरस्कार से नवाजा गया।

  26. उन्हें 27 मार्च 2015 को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया जो तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनके निवास पर जाकर प्रदान किया था।

  27. उसी वर्ष बांग्लादेश सरकार ने भी उन्हें 1971 के मुक्ति संग्राम में समर्थन देने के लिए बांग्लादेश मुक्तियुद्ध सम्मान से सम्मानित किया।

  28. एक कुशल कवि के रूप में उन्होंने "मेरी इक्यावन कविताएं" नामक प्रसिद्ध काव्य-संग्रह लिखा जिसका लोकार्पण 1995 में हुआ था।

  29. वे आजीवन अविवाहित रहे, लेकिन उन्होंने राजकुमारी कौल की पुत्री नमिता को अपनी बेटी के समान स्नेह दिया।

  30. उन्होंने दिसंबर 2005 में सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी थी हालांकि लखनऊ से सांसद के रूप में उनका अंतिम कार्यकाल 2009 में पूरा हुआ। 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनकी स्मृति में 25 दिसंबर को हर साल "सुशासन दिवस" (गुड गवर्नेंस डे) मनाया जाता है।

निष्कर्ष

अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति राजनीति, साहित्य और मानवीय संवेदना को एक साथ लेकर भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकता है। उनकी सादगी, वाकपटुता और दूरदर्शी नेतृत्व आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता है। यही कारण है कि उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित और प्रिय नेताओं में गिना जाता है।
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