इंटरनेट पर आये दिन कुछ न कुछ ऐसा बवाल जरूर होता है जो पूरे देश का ध्यान अपनी और खींच लेता है ऐसा ही मामला है कॉकरोच जनता पार्टी का, इस पार्टी ने अपनी फॉर्मेशन के बाद ही इतने फॉलोअर जुटा लिए जितने BJP और congress जैसी बड़ी party आलू से सोना बनाकर और melody chocolate देकर भी नहीं जुटा पाए। CJP की following 10M क्रॉस कर ही गई थी और अगले ही कुछ दिनों में इस पार्टी के सारे सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो गए। अब इसके पीछे किसका हाथ है ये अभी पता लगाना मुश्किल है क्योंकि जहां तक देश के युवाओं का मानना है कि ये cockroach janta party उनकी आवाज भी ओर वो इसके माध्यम से देश की राजनीति में बदलाव लाना चाहते है , लेकिन उनकी इस उम्मीद पर न जाने किसने पानी फेर दिया ,फिलहाल देश की सबसे ज्यादा फॉलोविंग वाली पार्टी को पक्ष या विपक्ष किसने रोका है आइये जानते है, आखिर क्या है इस पार्टी का सच
CJP क्या है
CJP यानी cockroach janta party एक satirical meme movement है, जो हाई कोर्ट के सम्मानीय जस्टिस सुर्यकांत जी की टिप्पणी के चलते अपने अस्तित्व में आया है। CJP कोई ऑफिशियली रजिस्टर्ड पार्टी नहीं है बल्कि disappointed Gen Z के frustration को show करने का sarcastic movement है। जब सम्मानीय जस्टिस सुर्यकांत जी ने देश के बेरोजगार युवाओं ओर कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट की तुलना कॉकरोच और परजीवी (पैरासाइट ) की, उनका कहना था कि देश के बेरोजगार युवा ओर कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट समाज में गंद फैला रहे है बस फिर क्या था इस बात ने देश के युवाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा दिया किसी ने इसी बात को निशाना बना कर cockroach janta party के नाम से एक इंस्टा अकाउंट बनाया ओर सारे देश के युवाओं ने इसमें तेजी से शामिल होके कर इस अकाउंट को फॉलो करके 2 दिन में ही बड़ी बड़ी पार्टी को पीछे छोड़ दिया ओर देश विदेश में इस पार्टी को चर्चा का विषय बना दिया।
क्या है पूरा मामला
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत वकील संजय दुबे की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। संजय सीनियर हाई कोर्ट द्वारा वकीलों के नामांकन में हो रही देरी को लेकर अवमानना कार्यवाही की मांग कर रहे थे जिसे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सुर्यकांत ने खारिज करते हुए एक टिप्पणी दी, और कहा कि देश के कुछ युवा ऐसे हैं, जो रोजगार नहीं मिलने पर कॉकरोच की तरह हर जगह फैल रहे हैं उनमें से कुछ सोशल मीडिया पर एक्टिव हो जाते हैं कुछ मीडिया बन जाते हैं कुछ आरती आई कार्यकर्ता बन जाते हैं तो कुछ एक्टिविस्ट बन जाते हैं। हालांकि उनके इस बयान के बाद जब cockroach janata party का formation हुआ और मामला बिगड़ता हुआ दिखाई दिया तो जस्टिस ने इस पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनकी है टिप्पणी देश के युवाओं के खिलाफ नहीं थी बल्कि यह बात उन लोगों के लिए कही गई थी जो फजर डिग्री हो के सहारे वकालत जैसे सम्मानित पेशे में चले आ जाते हैं।
कौन हैं दीपके
आइये जरा, देश के युवाओं के आत्म सम्मान पर आघात की रक्षा करने वाले दीपके के बारे में भी जरा जान लेते हैं। तो भारत की सबसे ज्यादा फैन फॉलोइंग वाली पार्टी को बनाने वाले इन महाशय का नाम है अभिजीत दीपके। दीपके अभी सिर्फ 30 साल के हैं और रिपोर्ट्स की माने तो यह साल 2020 से लेकर साल 2023 के बीच आम आदमी पार्टी के डिजिटल अभियानों में सहयोगी रह चुके हैं। वहीं इस political satire movement में Arpit Sharma भी active रहे जो पहले से ही youth frustration को memes और reels के जरिये express करते थे और फिर उन्हें मिला Cockroach janata party जैसा movement जिसमें उन्होंने चार चाँद लगा दिये। इनके content के चलते इस पेज से काफी फॉलोइंग जुटि थी, लेकिन इनकी मेहनत भी उसी तरह शायद बेकार चली गई जिस तरह neet के aspirant की पूरे साल की मेहनत एक पेपर लिक के चलते बर्बाद हो गई है।
CJP party से कैसे जुड़ें
CJI party से जुड़ने के लिए आपको actor, भ्रष्ट नेता या गुंडा बनने की जरूरत नहीं है बस आप पूरी तरह से बेरोजगार हों, आलसी हों और अधिकतर ऑनलाइन रहते हों।
निष्कर्ष
हमारे देश के हालात इस स्थिति पर आ गए हैं कि गंभीर से गंभीर मुद्दे भी मीम मटेरियल और इंटरनेट सेंसेशन बनकर रह गए हैं। जिस देश में एक्टर सीएम बन रहे हो, कच्चा बादाम की reel पर नाचने वाले इनफ्लुएंसर बना रहे हैं और जहां हर दूसरा इंसान खुद को पॉलीटिकल एनालिस्ट समझता हो वहां का युवा आखिर क्या बनेगा…? अपना फ्यूचर बनाने के लिए युवा जिस मेहनत और लगन से पूरे साल मेहनत करते हैं उसका पेपर ऐसे लिक होता है जैसे छलनी से पानी जिस देश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सिस्टम गटर बन गया हो, वहां के युवा के पास कॉकरोच बनने के अलावा और क्या ऑप्शन बचेगा ।
CJP के formation के चंद घंटों में ही social media पर इसके इतने चर्चे होने लगे की एक बार को लोग ये भी भूल गए की melody इतनी चॉकलेटी क्यों हैं। खैर, कई लोग इसे फ्रस्ट्रेटेड युवाओं का मूवमेंट मान रहे हैं, तो कई लोग इसे विपक्ष की साजिश बता रहे है
