झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं। इस घटना के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
क्या है पूरा मामला
JPSC-JSSC रिफॉर्म मोर्चा के नेतृत्व में हजारों छात्र विधानसभा घेराव मार्च के तहत झारखंड विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। यह प्रदर्शन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर हो रहा था। प्रदर्शनकारियों ने एक के बाद एक कई बैरिकेड तोड़ते हुए विधानसभा भवन की ओर जाने वाले रास्ते पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास आखिरी बैरिकेड तक पहुंचने की कोशिश की जहां पुलिस ने पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
कई प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई में घायल होने का दावा किया है यह विधानसभा घेराव मार्च मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के दिन हुआ और छात्रों का यह आंदोलन उस समय अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका था।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
पुलिस कार्रवाई के तुरंत बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करना गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है और केवल संवाद के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने की अपील की।इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने अपनी बात और स्पष्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की वे निंदा करते हैं, चाहे यह घटना देश में कहीं भी हो रही हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर उनके मन में कोई भ्रम नहीं है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हिंसक तरीके से हमला करना गलत है।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली गठबन्धन सरकार का हिस्सा है, ऐसे में राहुल गांधी की यह टिप्पणी खास मायने रखती है।
