रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा का E-20 पेट्रोल पर विवादित बयान, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

मध्य प्रदेश के रीवा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जनार्दन मिश्रा एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की जड़ रहा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने यानी E-20 नीति को लेकर उनका सार्वजनिक बयान जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
controversial statement of janardan mishra on e20
Janardan Mishra 

क्या है पूरा मामला

यह विवादित बयान रीवा हवाई अड्डे पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया जहां कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा के शुभारंभ के मौके पर सांसद जनार्दन मिश्रा मंच से जनता को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान देश में जारी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध का मुद्दा उठा, जिस पर सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि कुछ लोग बेवजह यह मांग कर रहे हैं कि वाहनों में केवल शुद्ध पेट्रोल ही इस्तेमाल होना चाहिए और एथेनॉल नहीं चलना चाहिए। विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा, शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? उनके इस बयान का वीडियो कार्यक्रम के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।

सांसद ने दिए नीति के पक्ष में तर्क

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल मिश्रण को जरूरी बताने के लिए कई तर्क दिए। उन्होंने कहा कि भारत अपनी घरेलू जरूरत का बमुश्किल 20 प्रतिशत कच्चा तेल ही खुद पैदा कर पाता है  जबकि बाकी 80 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा वैश्विक युद्ध हालात के चलते तेल की आपूर्ति के लिए जहाजों को करीब अठारह हजार किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है जिससे आयात लागत और आपूर्ति व्यवस्था दोनों पर दबाव बढ़ता है।
अपनी दलील को मजबूत करने के लिए सांसद ने ब्राजील का उदाहरण भी दिया। उनके अनुसार ब्राजील जैसे देश में एथेनॉल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है और भारतीय वाहन भी पूरी तरह से एथेनॉल पर चलने में सक्षम हैं। उन्होंने इसे आयात पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण सुरक्षा दोनों की दृष्टि से जरूरी कदम बताया।

विवाद और प्रतिक्रियाएं

गौरतलब है कि देशभर में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर एक वर्ग खासकर वाहन चालकों और कुछ किसान संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में सांसद की भाषा और लहजे को लेकर विवाद खड़ा होना स्वाभाविक माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक तबका जहां उनके बयान की भाषा को अशोभनीय और असंवेदनशील बता रहा है वहीं दूसरा वर्ग उनके तर्कों को नीति की दृष्टि से सही ठहरा रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब जनार्दन मिश्रा अपने विवादित बयानों के चलते चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे कई मौकों पर अपनी बेलाग टिप्पणियों को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं  जिसके चलते वे भाजपा के भीतर एक स्पष्टवादी लेकिन विवादास्पद नेता के रूप में जाने जाते हैं।

आगे की राह

फिलहाल पार्टी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि E-20 नीति को लेकर पहले से जारी बहस के बीच इस तरह के बयान सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर विपक्ष और खुद भाजपा नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने