योगगुरु बाबा रामदेव ने रक्षाबंधन के मौके पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को उपहार और मिठाई भेजकर एक नया संदेश दिया है। हाल के दिनों में दोनों के बीच हुए तीखे विवाद के बाद यह कदम खासा चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे ठीक पहले तक दोनों के बीच सार्वजनिक तौर पर तल्ख बयानबाजी चल रही थी।
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क्या कहा बाबा रामदेव ने
हरिद्वार में मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा,हम अपनी बहन कंगना रनौत को भी आज रक्षाबंधन पर उपहार भेज रहे हैं और उनको यह मिठाई भी भेज रहे हैं जिससे कि रिश्तों में मिठास बनी रहे। बहुत से ऐसे प्रसंग होते हैं, जहां हमारी बहन कंगना रनौत की तरफ से कुछ कहा गया, हमने भी कुछ कहा। सब गिले-शिकवे भुलाकर हम एक-दूसरे के साथ प्रीति से आगे बढ़ें यही रक्षाबंधन का संदेश है।
उन्होंने आगे कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत नहीं होनी चाहिए और आपसी वैमनस्य का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। बाबा रामदेव ने यह भी बताया कि वे आज कंगना रनौत को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी देंगे।
कैसे शुरू हुआ था विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच हाल ही में एक गंभीर सार्वजनिक विवाद खड़ा हो गया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए "जेनरेशन गटर" जैसी टिप्पणी की थी। बाबा रामदेव ने भी कंगना की इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद दोनों के बीच सीधी बयानबाजी शुरू हो गई। कंगना रनौत ने पलटवार करते हुए बाबा रामदेव पर शालीनता की हर सीमा लांघने का आरोप लगाया और उन्हें अपने ऊपर चरित्र प्रमाण पत्र न देने की नसीहत दी। इस दौरान कंगना ने पतंजलि से जुड़े पुराने विवादों का भी जिक्र किया जिससे यह टकराव और गहरा हो गया। दोनों पक्षों के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों का दौर चला जिसने इसे एक बड़े सार्वजनिक विवाद में बदल दिया।
रक्षाबंधन पर मेल-मिलाप की पहल
इस पूरे विवाद के बीच बाबा रामदेव की ओर से रक्षाबंधन पर उपहार और मिठाई भेजने की पहल को कई लोग सुलह के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। रामदेव ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत मतभेद चाहे जो भी रहे हों त्योहार के मौके पर उन्हें दरकिनार करना ज्यादा जरूरी है।
अपने बयान में उन्होंने रक्षाबंधन के व्यापक सामाजिक महत्व पर भी बात की। उन्होंने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि द्रौपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी और ब्राह्मणों ने क्षत्रियों को राखी बांधने की परंपरा निभाई। उनका कहना था कि यह देश ज्ञान और शौर्य दोनों का उपासक रहा है, और रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का पर्व है।
बाबा रामदेव ने इस मौके पर जातिगत भेदभाव खत्म करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र, दलित, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सभी भारतीयों के साथ जाति या समुदाय के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने वैदिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जो जाति, समुदाय, स्त्री-पुरुष या किसी भी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं करता। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी एकता और भेदभाव-विरोधी संदेश को बढ़ावा देने की अपील की।
कंगना रानौत की प्रतिक्रिया
फिलहाल कंगना रनौत की ओर से इस उपहार और फोन कॉल को लेकर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पहल दोनों के बीच के मतभेदों को वाकई कम करती है, या फिर विवाद किसी नए मोड़ पर पहुंचता है।
