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Sanskrit kaise sikhe | संस्कृत कैसे सीखें

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    हैलो दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि sanskrit kaise sikhe.

     हम सभी जानते हैं की संस्कृत अति प्राचीन भाषा है जिसका उपयोग पुराने समय में लोग संवाद करने के लिए करते थे। लेकिन समय बीतने के साथ लोगों ने हिंदी और फिर अब इंग्लिश भाषा का उपयोग आम बोल चाल के तौर पर करना शुरू कर दिया है। लेकिन फिर संस्कृत भाषा ने अपनी पहचान नहीं खोई, स्कूलों में कक्षा छटी से 10वी तक संस्कृत पढ़ाई जाती है और कई लोग इसके आगे भी संस्कृत भाषा को सीखना चाहते हैं। दोस्तों अगर आप भी संस्कृत सीखना चाहते हैं तो आज के लेख संस्कृत कैसे सीखें को पूरा अंत तक जरूर पढ़े


    संस्कृत कैसे सीखें (Sanskrit kaise sikhe)



    संस्कृत वैसे तो बहुत प्राचीन भाषा है लेकिन अगर आप इसे सीखना चाहें तो सिख सकते हैं। इसे सीखना बहुत आसान है लेकिन आपको थोड़े धैर्य और अभ्यास की जरूरत है। अगर आप संस्कृत के थोड़े थोड़े शब्दों को सीखकर रोज उसका अभ्यास करें तो यह आपको बहुत जल्दी आने लगेगी ऐसे कई मध्यम भी हैं जिनसे आप संस्कृत सिख सकते हैं। इसके साथ ही हम आपको संस्कृत सीखने के फायदे के बार में भी बताएंगे।


    संस्कृत सीखने का सबसे आसान तरीका



    संस्कृत सीखने का सबसे आसान तरीका है उसका अभ्यास। संस्कृत भाषा में अधिकतर शब्द ऐसे हैं जो हमने सुन चुके होते है या उनसे परिचित होते हैं। वहीं हिंदी में कई सारे शब्द ऐसे हैं जिनका संस्कृत में अनुवाद करने पर उनमें ज्यादा कुछ अंतर नहीं आता। उदाहरण के लिए आम को आम्रम् कहा जाता है जो हिंदी के शब्द से ही मेल खाता है। आप ऐसे शब्दों को पहले सीखकर जल्दी और आसानी से संस्कृत सिख सकते हैं। लेख में आपको फलों सब्जियों एवं पशुओं के संस्कृत नामों की सूची मिलेगी जिससे आपको संस्कृत भाषा के शुरुआती शब्द सीखने को मिलेंगें।


    संस्कृत में फलों के नाम



    नीचे फलों की कुछ सूची बताई गई है जिसमें फलों के नाम हिंदी व संस्कृत में दिए गए हैं।


    आम - आम्रम्
    अंगूर -द्राक्षा
    अनार - दाडिम
    अमरूद - आग्रलम्
    सन्तरा - नारङ्गम्

    खरबूजा - दशांगुलम्
    शरीफा - सीताफलम्
    तरबूज - कालिङगम्
    अनानास - अनानासम्
    अंजीर - उदुम्बरम्
    चेरी - प्रबदरम्
    स्ट्रॉबेरी - तृण-बदरम्


    जामुन - जम्बू
    बेल - कपित्थम्
    कटहल - पनसम्
    सीताफल - सीताफलम्
    मौसंबी - मतुलुङगम्
    पपीता - मधुकर्कटी
    सिंघाड़ा - श्रृंगाटकश्
    लीची - लीचिका
    आडू - आद्रालुः
    कन्दमूल - कंदमूलम्
    आंवला - आमलकम्
    इमली - तिंतिडीकम्
    गूलर - डदुम्बरम्


    कमरख - कमरक्षम्
    शकरकंद - मिष्टालुकम्
    बेर - बदरीफलम्
    पोस्ता - पौस्टिकम
    चिरोंजी - प्रियालम
    किशमिश - शुष्कद्राक्षा
    काजू - काजवम
    अखरोट - अक्षोटम
    सेव - सेवम्
    केला - कदलीफलम्
    चकोतरा - धुकर्कट
    बकुला - क्षीरणी
    रतालू - रक्तालू
    चीकू - विकृतम्
    कीवी - कीवी फलम् 



    महुआ - मधूकः
    नीबू - निम्बूकम्
    मकोय - स्वर्णक्षिणी
    करोंदा - करमर्दकः
    बादाम-वातादम
    नाशपाती-अमृतफलम्
    खजूर-खर्जूरम्
    नारियल-नारिकेलम्


    संस्कृत में सब्जियों के नाम



    नीचे सब्जियों की कुछ सूची बताई गई है जिसमें सब्जियों के नाम हिंदी व संस्कृत में दिए गए हैं।


    आलू-आलुकम्
    मटर-कलाय:
    फलियां-शिंबिका
    ओला - सूरण:
    करेला-कारबेल्लम्
    बैगन-वृंताकम्
    मिर्च-मरीचिका:
    सेम-शिम्बी
    हल्दी-हरिद्रा
    दालचीनी-दारुचिनी
    पालक-पालक्या:
    अजवाइन-गन्धपत्रिका, अजमोदिका
    ककड़ी-कर्कटी


    सोआ-वज्रपुष्पा
    कुंदरू-कुन्दरू:
    नेनुआ- जालिनी
    पुदीना-अजगंध:
    केसर-अग्निशाखा
    शलजम-शिखामूलं, श्वेतकन्दः
    चुकंदर-पालङ्गशाक:
    कद्दू-कूष्मांड
    शतावरी-सूक्ष्मपत्रिका
    पत्ता गोभी - केम्बुकम्
    फूलगोभी - पुष्पशाकम्
    गांठगोभी - कंदशाकम्
    बधुवा - वास्तुकम्
    लहसुन - लशुनम्


    ब्रोकली - केपिशकम्
    काबुली चना - चणक
    बड़ी मिर्च - कटुवीरा
    टमाटर - रक्तफलम्
    मूली - मूलकम्
    धनिया - धान्याकम्
    सोआ - वज्रपुष्पा
    प्याज - पलाण्डुः
    टिंडा - टिंडीश:
    हरा प्याज - हरित पलाण्डुः
    परवल-पटोल:
    मशरूम-छत्त्र, पालघ्न
    नारियल-नारिकेलम्
    भिन्डी-रामकोशातकी
    तोरई - कोशातकी
    खीरा-चटी:
    कद्दू-अलाबु


    भिंडी-भिण्डिका:
    सिंघाड़ा-श्रृंगाटकश्
    अदरक-आर्द्रकम्
    पुदीना-अजगन्धः
    शिमला मिर्च-महामरीचिका
    मेंथी-मेथिका:
    लौकी-कुष्माण्ड:
    पोई-पोतकी
    सहजन-सुरजन: 
    चुकन्दर-पालङगशाक:

    शलगम-शिखामूलम्
    कागजी निम्बू-निम्बूकम्
    कटहल - पनसम्
    कुकुरमुत्ता - छत्त्राकम्
    गाजर - गुज्जनकम्


    संस्कृत में पशुओं के नाम



    नीचे पशुओं की कुछ सूची बताई गई है जिसमें पालतू एवं जंगली पशुओं के नाम हिंदी व संस्कृत में दिए गए हैं।


    गाय - धेनु         
    बकरी - अजा 
    बैल - वृषभः
    भैंस - महिषः
    घोड़ा - अश्वः  
    घोड़ा - घोटकः
    कुत्ता - श्वान         
    बन्दर - वानरः                 
    ऊँट - क्रमेलकः                
    चूहा - मूषकः                
    सूअर - वराहः    

                
    साँड़ - वृषभः                 
    नील गाय - गवय 
    शेर - सिंहः
    खरगोश - शशकः                
    लोमड़ी - लोमशः                
    हिरन - मृगः                 
    भेड़िया - वृकः        
    भालू - भल्लूकः        
    हाथी - गजः                
    चीता - वाघः
    गैंड़ा - गण्ड़कः                
    गिरगिट - कृकलासः                
    वनमानुष - वनमनुष्यः     

               
    सियार - श्रृगालः                
    नेवला - नकुलः                
    तेंदुआ - तरक्षुः                
    गिलहरी - चिक्रोड़ः        
    बिल्ली - बिड़ाल

                            

    संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम 



    नीचे शरीर के अंगों की सूची बताई गई है, जिसमें शरीर के अंगों के नाम हिंदी व संस्कृत में दिए गए हैं।


    सिर – शिरः
    माथा – ललाटम्
    चेहरा – मुखः
    आँख - नेत्रम् 
    पलक - पक्ष्मः
    पुतली - कनीनिका
    भौंह - भ्रूः
    गरदन - ग्रीवाः


    दिमाग - मस्तिष्कः
    जीभ - जिह्वाः 
    मूँछ - श्मश्रुः
    गला - कण्ठः
    खोपड़ी - कपालः
    बुद्धि – प्रज्ञाः
    होंठ - अधरम्
    ऊपरी होठ - ओष्ठः
    निचला होठ - अधरम्
    बाल - केशः
    गाल - कपोलः
    सफेद बाल - पलितकेशः
    कान - कर्णः/श्रोतम्
    नाक - नासिकाः

    जिगर - यकृतः
    भुजा - बाहुः, भुजः
    कंधा - स्कन्धः
    हाथ – करः/हस्तः/पाणिः
    कोहनी – कूर्परः
    अंगुली  – अंगुलिः
    हाथ का अँगूठा – अंगुष्ठः
    हथेली – करतलम्
    ठुड्डी – चिबुकम्
    दाँत – रदनः
    हड्डी – अस्थिः
    मन – चित्तम्/मनः
    स्तन – स्तनः
    छाती – वक्षःस्थलम्
    नाखून – नखः
    कलाई – मणिबन्धः
    दाढ़ी – कूर्चम्


    पेट – उदरम्
    फेफड़ा – फुफ्फुसः
    कमर – कटिः
    पीठ - पृष्ठम्
    रीढ़ की हड्डी – मेरूदण्डः
    खून - रूधिरम्
    त्वचा - चर्मः
    पैर - चरणः
    घुटना - जानुः
    टखना - गुल्फः
    एडी - पार्ष्णिः
    तलवा - पदतलम्
    जाँघ - जंघा


    संस्कृत सीखने का ऐप


    आजकल हर चीज को सीखने के ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। आप संस्कृत सीखने के लिए भी एप्स का इस्तेमाल कर सकते जो आपकी बहुत मदद कर सकते हैं आइए जानते हैं कुछ संस्कृत सीखने वाले एप्स के बारे में


    * सिद्धांत कौमुदी
    * धातुरूपमाला
    * पाणिनी अष्टध्यायी
    * संस्कृत हिन्दी डिक्शनरी
    * संस्कृत इंग्लिश डिक्शनरी
    * शब्दरूपमाला



    संस्कृत में कौनसी जॉब होती है



    संस्कृत भाषा सीखने के कई लाभ है। आप संस्कृत सीखकर संस्कृत भाषा के अनुवादक, लेखक या शिक्षक बन सकते हैं। जैसे आपको संस्कृत सीखने के लिए आज इस लेख को पढ़ने की जरूरत पढ़ रही है ऐसे ही कई सारे लोग हैं जो संस्कृत सीखना चाहते हैं और उन्हें एक शिक्षक की अवश्यकता है। वहीं आप संस्कृत भाषा पर किताब भी लिख सकते हैं जिसमें आप संस्कृत को सीखने के आसान अभ्यास विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सकते हैं। क्योंकि संस्कृत भाषा ज्यादातर लोगों को आती नहीं है तो ऐसे में अगर आप इस प्रोफेशन में कदम रखते हैं तो यह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    निष्कर्ष 



    दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि sanskrit kaise sikhe  हम इसी तरह आपके लिए उपयोगी जानकारी लेकर आते रहेंगे तब तक के लिए नमस्कार दोस्तों







    Sanskrit sikhe,sanskrit
    संस्कृत कैसे सीखें 



    Vedio :- यदि आप संस्कृत कैसे सीखें इससे संबंधित vedio देखना चाहते हैं तो आपके लिए यह सबसे उपर्युक्त रहेगी।




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