नमस्कार दोस्तों यदि आप बैंक से लोन लेने पर विचार कर रहे हैं। तो आपके लिए यह जान लेना बेहद आवश्यक है कि CIBIL क्या होता है ( CIBIL kya hota hai) , CIBIL स्कोर क्या है, CIBIL स्कोर कितना होना चाहिए तथा CIBIL कैसे चेक करते हैं ।
आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन सब के बारे में बताएंगे तो आर्टिकल को ध्यान से पढ़िएगा ।
CIBIL क्या होता है
CIBIL kya hota hai : यह एक कंपनी है जिसकी स्थापना भारत में सन् 2000 में मुंबई में हुई थी। इसका पूरा नाम Trans union CIBIL है तथा यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नीचे कार्य करती है। इस कंपनी का हेड क्वार्टर मुंबई में ही स्थित है।
CIBIL की फुल फॉर्म credit information bureau India limited है।
Trans union CIBIL के कार्य
इस कंपनी के पास वर्तमान में 60 करोड़ से ज्यादा लोगों की क्रेडिट हिस्ट्री तथा तीन करोड़ से ज्यादा बिज़नेस का रिकॉर्ड है।
अब आपने यह जान लिया है कि CIBIL क्या होता है तो आइए अब जानते हैं कि CIBIL स्कोर क्या होता है तथा किसी व्यक्ति को या किसी कंपनी को बैंक से लोन मिलने में यह कितनी अहम भूमिका निभाता है इसे समझते हैं।
CIBIL स्कोर क्या होता है
आप जब भी किसी बैंक के पास लोन लेने के लिए क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करने जाते हैं तो बैंक सबसे पहले आपसे आपका सिविल इसको ही पूछता है।
सिबिल स्कोर तीन अंको की एक संख्या होती है जोकि 300 से 900 के बीच में होती है तथा बैंक को यह बताती है कि आप पैसे चुकाने के मामले में कितने ईमानदार तथा Punctual है।
आसान भाषा में कहें तो सिबिल स्कोर बिना किसी झंझट के बैंक को यह बता देता है कि उसे किसी व्यक्ति या कंपनी को लोन देना है या नहीं देना है।
CIBIL स्कोर कितना होना चाहिए
यदि आपके पास कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है तथा आप पहली बार बैंक से लोन लेने जा रहे हैं तो आपका सिबिल स्कोर 0 या -1 में दिखाएगा और बैंक आपको आपकी क्षमता के आधार पर लोन देने पर विचार कर सकता है।
पर यदि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं या आप बैंक से दूसरी बार लोन लेने जा रहे हैं तब आपका सिविल इसको भी या तो 300 के नीचे या 300 से 900 के बीच में होगा।
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर जमा करते हैं या नहीं तथा पिछले लोन को समय पर चुका है या नहीं।
यदि सिबिल स्कोर 300 के नीचे है तो बैंक आपको लोन देने से साफ साफ मना कर देगा।
यदि 300 से 450 के बीच में है यह भी एक अच्छा स्कोर नहीं माना जाता है बैंक लोन देने के लिए राजी नहीं होंगी।
यदि 450 से 600 के बीच में है तो यह उसको एक एवरेज स्कोर है और बैंक का आपको लोन या क्रेडिट कार्ड दे सकती हैं। पर आपके मन मुताबिक नहीं।
यदि स्कोर 600 से 750 के बीच है तब बैंक का आपको आसानी से लोनिया क्रेडिट कार्ड दे देंगे।
यदि स्कोर 750 से 900 के बीच में है तो बैंक आपको बहुत आसानी से अच्छी दरों पर बड़ी रकम देने के लिए तैयार हो जाएंगी।
CIBIL स्कोर कैसे बढ़ाए
यदि आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ाना चाहते हैं तो निम्न बातों का खास ध्यान रखे
- यदि आपने बैंक से लोन ले रखा है तो उसकी EMI निर्धारित समय पर भरते रहें ।
- यदि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो उसके बिल का सही समय पर भुगतान कीजिए।
- अपने क्रेडिट कार्ड का अनावश्यक प्रयोग ना करें कहने का मतलब यह है आवश्यक चीजों के लिए इसका उपयोग करें। यह सिबिल स्कोर पर बुरा प्रभाव डालता है।
- एक ही समय पर एक से ज्यादा लोन ना लें इसके दो प्रभाव हो सकते हैं।
1) हो सकता है कि आप इन लिए गई लोनस की EMI सही समय पर ना चुका पाए।
2) आप अलग-अलग बैंकों से लोन लेंगे तो वह बैंक आपका सिविल इसको जरूर चेक करेंगे और बार-बार सिबिल स्कोर चेक करना आपके सिबिल स्कोर को कम कर सकता है।
2) आप अलग-अलग बैंकों से लोन लेंगे तो वह बैंक आपका सिविल इसको जरूर चेक करेंगे और बार-बार सिबिल स्कोर चेक करना आपके सिबिल स्कोर को कम कर सकता है।
CIBIL स्कोर कैसे चेक करें
सिबिल स्कोर चेक करने के लिए आप गूगल पर जाकर टाइप कर सकते हैं
https://www.cibil.com/freecreditscore/
इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा वहां पर आप अपनी बेसिक डीटेल्स जैसे कि , name address, ईमेल आईडी PAN number, phone number तथा pin code जैसी जानकारियां देकर अपने सिबिल स्कोर को आसानी से पता कर सकते हैं।
निष्कर्ष
तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि CIBIL kya hota hai,Trans union CIBIL के कार्य,CIBIL स्कोर क्या होता है,CIBIL स्कोर कितना होना चाहिए,CIBIL स्कोर कैसे बढ़ाए,CIBIL स्कोर कैसे चेक करें।
मुझे आशा है कि CIBIL kya hota hai से जुड़ा मेरा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा यदि आपके कोई सुझाव या प्रश्न हो तो हमारे साथ जरूर शेयर कीजिए।
