नमस्कार दोस्तों क्या जानना चाहते हैं कि पानी रंगहीन क्यों होता है, पानी का कोई स्वाद क्यों नहीं होता है, पानी में चीजें कैसे घुलती है, पानी गीला क्यों होता है या पानी क्या है तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको इन सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं
पानी रंगहीन क्यों होता है (water colourless kyu hota hai)
इसे समझने से पहले आइए इसे समझने का प्रयास करते हैं कि कोई भी वस्तु लाल हरी, पीली,काली या नीली क्यों दिखाई देती है।
जब दृश्य प्रकाश किस वस्तु पर पड़ता है तब वह वस्तु प्रकाश के जिस रंग को उत्सर्जित करती है वही उस वस्तु का रंग होता है।
सूर्य से आने वाले प्रकाश को तीन भागों में बांटा जाता है। पहला पराबैगनी प्रकाश(UV light) दूसरा अवरक्त प्रकाश (Infrared light)तीसरा दृश्य प्रकाश(visible light)।
हमारी आंखें केवल दृश्य प्रकाश को ही देख सकती हैं। दृश्य प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है जिसे VIBGYOR से याद रखा जाता है
V -violet(नीला)
I- indigo (गहरा नीला)
B - black((काला)
G -green(हरा)
Y -yellow(पीला)
O -orange(नारंगी)
R- Red(लाल)
जिस वस्तु पर दृश्य प्रकाश पड़ता है इन सात रंगों में से किसी एक को अवशोषित नहीं करता है बाकी सभी रंगों को अवशोषित कर लेता है और जिस रंग का अवशोषण नहीं होता वही रंग हमें उस वस्तु का दिखाई पड़ता है।
जब पानी पर दृश्य प्रकाश पड़ता है तब इन सात रंगों में से किसी भी रंग का अवशोषण पानी के द्वारा नहीं किया जाता हैं। क्योंकि पानी के अणुओं की क्वांटम अवस्थाओं का अंतर बहुत कम होता है इसीलिए पानी का कोई रंग नहीं होता है तथा वह पारदर्शी होता है।
स्पष्टीकरण
प्रत्येक पदार्थ परमाणु या अणुओं से मिलकर बना हुआ है। जल भी उन्हीं में से एक है। जब दृश्य प्रकाश किसी पदार्थ पर पड़ता है तब पदार्थ के अणु इस ऊर्जा को पाकर एक क्वांटम अवस्था से दूसरे क्वांटम अवस्था में चले जाते हैं और वे उस क्वांटम अवस्था में नगण्य समय के लिए रहते हैं तथा पुनः पहली वाली क्वांटम अवस्था में लौट आते हैं लौटते समय से जिस रंग का उत्सर्जन करते हैं वही रंग हमें उस पदार्थ का दिखाई पड़ता है। क्योंकि जल के अणुओं की क्वांटम अवस्थाओं का अंतर बहुत कम होता है इसीलिए दृश्य प्रकाश का अवशोषण नहीं करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQs)
प्रश्न -पानी गीला क्यों होता है?
उत्तर- पानी गीला होता है क्योंकि पानी के अणुओं के मध्य प्रबल अंतर अणुक हाइड्रोजन बंध पाए जाते हैं। जिस कारण इसके अणु एक दूसरे के काफी निकट होते हैं और द्रव अवस्था में पाए जाते है।
आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी।
धन्यवाद
