लोकसभा क्या है(Lok sabha in Hindi)
लोकसभा भारतीय संसद का निम्न सदन है इसे हाउस ऑफ पीपल (House of people) भी कहा जाता है लोकसभा का वर्णन संविधान के भाग 5 के आर्टिकल 81 में किया गया है यह एक अस्थाई सदन है अर्थात् लोकसभा को कभी भी भंग किया जा सकता हैं। लोकसभा में सीटों की अधिकतम संख्या 552 हो सकती है जिसमें से 530 सदस्य राज्यों से जबकि 20 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से तथा 2 सदस्य भारत के राष्ट्रपति द्वारा आंग्ल भारतीय समुदाय से चुने जाते हैं। वर्तमान में भारत की लोकसभा के 543 सदस्य हैं जिसमें से 333 सदस्य एनडीए 210 सदस्य विपक्षीय पार्टी के है तथा आंग्ल भारतीय समुदाय से कोई भी सदस्य अब लोकसभा में नहीं है।
भंग
क्योंकि लोकसभा का गठन 5 साल के लिए किया जाता है भंग करने से यह अभिप्राय है कि यदि राष्ट्रपति चाहे तो इसे 5 साल से पहले भी समाप्त कर सकता है।
आइए अब समझते हैं कि भारत में लोकसभा का सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति के पास किन योग्यताओं का होना आवश्यक है-
लोकसभा सदस्य बनने के लिए योग्यता(qualifications to be Loksabha memeber)
1. उसकी उम्र 25 साल पूरी हो चुकी हो।
2. वह भारत देश का नागरिक हो।
3. वह किसी सरकारी पद पर कार्यरत ना हो।
4. वह पागल या दिवालिया ना हो।
लोकसभा का चुनाव कैसे होता है(election of Lok sabha)
लोकसभा का चुनाव प्रत्यक्ष विधि से होता है अर्थात् देश की जनता लोकसभा के सदस्य को अपना मत देकर चुनती है। इसके लिए व्यक्ति का निम्न शर्तों का पालन करना अनिवार्य है-
1. वह भारतीय नागरिक होना चाहिए।
2. उसकी उम्र 18 साल पूरी होनी चाहिए।
(1998 के पहले वोट करने के लिए उम्र 21 साल थी पर 61 वें संविधान संशोधन 1998 के बाद की यह घटाकर 18 वर्ष कर दी गई)
लोकसभा की सीटें कैसे तय होती हैं(Allocation of Lok sabha seats)
लोकसभा की सीटें तय करने के संदर्भ में भारतीय संविधान में निम्न दो प्रावधान दिए गए हैं-
1. प्रत्येक राज्य में लोकसभा की सीटों का उस राज्य की जनसंख्या से अनुपात देश के अन्य राज्यों के समान ही होना चाहिए।यह नियम उन राज्यों पर लागू नहीं होता जहां पर जनसंख्या 60 लाख से नीचे होती है आइए इसे एक सामान्य उदाहरण की मदद से समझते हैं
मान लीजिए कि उत्तराखंड की जनसंख्या 10000 है तथा लोकसभा की यहां 5 सीटें तय की गई है
अतः सीटों तथा जनसंख्या का अनुपात = 5/10000
= 1/2000
इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की जनसंख्या मान लीजिए 50,000 है तब वहां पर लोकसभा की 25 सीटें तय होंगी क्योंकि लोकसभा की सीटों का तथा वहां की जनसंख्या का अनुपात 1/2000 होना चाहिए यह तभी होगा जब सीटें 25 होंगी।
अनुपात = 25/50000
=1/2000
ऐसे ही अन्य राज्यों में लोकसभा की सीटों का तथा उस राज्य की जनसंख्या का अनुपात 1/2000 ही होना चाहिए।
2. इसी प्रकार प्रत्येक राज्य को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (territorial constituencies) में इस प्रकार बांटा जाता है कि प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या तथा उस प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र को मिली लोकसभा की सीटों का अनुपात पूरे राज्य में एक जैसा होना चाहिए।
उदाहरण- जैसे उत्तराखंड की जनसंख्या 10000 है और यहां पर लोकसभा की सीटें पांच है। मान लीजिए इसे दो निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है एक क्षेत्र की जनसंख्या 6000 है तथा दूसरे क्षेत्र की जनसंख्या 4000 है। तब सीटों को इस प्रकार बांटा जाता है कि सीटों का तथा जनसंख्या का अनुपात दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में समान रहे।
अनुपात
3/6000 =1/2000
2/4000=1/2000
इस प्रकार 6000 जनसंख्या वाले क्षेत्र को लोकसभा की तीन सीटें तथा 4000 जनसंख्या वाले क्षेत्र को 2 सीटें मिलेंगी।
लोकसभा के सदस्यों का कार्यकाल(Tenure of Lok sabh members)
लोकसभा के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है । राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में यह कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है । भारत के राष्ट्रपति के पास यह शक्ति होती है कि यदि वह चाहे लोकसभा को 5 साल से पहले भी समाप्त कर सकता है।
पद व गोपनीयता की शपथ(oath & confidentiality)
लोकसभा के प्रत्येक सदस्य को भारत की संसद में राष्ट्रपति के सामने अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेनी होती है यदि वह ऐसा नहीं करता है तो वह संसद की कार्यवाही में भाग लेने में समर्थ नहीं होगा।
लोकसभा की शक्तियां (Powers of Loksabha)
1. लोकसभा, राज्यसभा व विधानसभा के साथ मिलकर राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते हैं।
2. लोकसभा राज्यसभा के साथ मिलकर संविधान में संशोधन करते हैं।
3. लोकसभा राज्यसभा के साथ मिलकर कानून निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेते हैं इसके बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए जाता है।
4. लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य मिलकर उपराष्ट्रपति को चुनते हैं।
5. लोकसभा राज्यसभा के साथ मिलकर राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग (impeachment) की प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
लोकसभा का स्पीकर(speaker of Lok sabha)
लोकसभा का स्पीकर लोकसभा का मुखिया होता है और उसे लोकसभा के सदस्यों द्वारा ही चुना जाता है। वह लोकसभा को चलाता है तथा स्पीकर का निर्णय सभी के लिए मान्य होता है। यदि लोकसभा स्पीकर उपस्थित नहीं है तो उनके स्थान पर डिप्टी स्पीकर उनका स्थान संभालते हैं उनका चुनाव भी लोकसभा के सदस्यो द्वारा किया जाता है । लोकसभा स्पीकर के पास निम्न शक्तियां तथा उत्तरदायित्व होते हैं-
1. उसे लोकसभा के सभी सदस्यों को अनुशासन का पालन करवाना होता है।
2. वह लोकसभा को कभी भी स्थगित कर सकता है।
3. लोकसभा स्पीकर किसी भी विधेयक पर अपना वोट नहीं डालता है पर यदि सदन के वोट बराबर भागों में बांट जाए तब उसके पास अपना वोट डालने का अधिकार होता है।
4. वह लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की साझा कार्यवाही की अध्यक्षता करता है। (कहने का मतलब यह है कि यदि किसी बिल को लेकर राज्यसभा और लोकसभा में सहमति नहीं बन पा रही है तब दोनों सदनों के सदस्य एक साथ बैठकर उसके बारे में चर्चा करते हैं।)
5. वह लोकसभा के किसी भी सदस्य को निलंबित (कुछ समय के लिए सदस्यता समाप्त कर देना) कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQs)
प्रश्न-प्रथम लोकसभा का गठन कब हुआ था
उत्तर-लोकसभा का गठन वर्ष 1952 में हुआ था।
प्रश्न-लोकसभा का प्रथम स्पीकर कौन था
उत्तर-लोकसभा के प्रथम स्पीकर गणेश वासुदेव मावलंकर थे जो कि केवल 4 साल के लिए ही इस पद पर रहे उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
प्रश्न-लोकसभा की कार्यवाही किन भाषाओं में होती है
उत्तर-लोकसभा की कार्यवाही हिंदी अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होती है।
प्रश्न-यदि लोकसभा सदस्य अपने पद से इस्तीफा दे या किसी कारणवश उसकी मृत्यु हो जाए तब क्या होता है
उत्तर-यदि किसी कारणवश लोकसभा के सदस्य की मृत्यु या वह इस्तीफा दे दें तब उस सीट पर फिर से चुनाव करवाए जाते हैं और इसे उपचुनाव कहा जाता है।
प्रश्न-लोकसभा सदस्यों की सैलरी कितनी होती है
उत्तर-लोकसभा के सदस्यों की सैलरी एक लाख प्रतिमाह होती है।
प्रश्न-लोकसभा का वर्तमान स्पीकर कौन है
उत्तर-लोकसभा के वर्तमान स्पीकर ओम बिरला है जो कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद है।
प्रश्न-भारत में लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें किस राज्य में है
उत्तर-लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश (80) में है।
प्रश्न-भारत की वर्तमान लोकसभा कौन से नंबर की है
उत्तर-भारत की वर्तमान लोकसभा 17वे नंबर की है।
प्रश्न-भारत की पहली महिला लोक सभा स्पीकर कौन थी
उत्तर-भारत की पहली महिला स्पीकर श्रीमती मीरा कुमार थी। वे 2009 से 2014 तक लोकसभा की स्पीकर रही तथा वह कांग्रेस पार्टी की सांसद थी।
आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही हमें अपना समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
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