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ethanol blending kya hai | इथेनॉल सम्मिश्रण क्या है

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    नमस्कार दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि इथेनॉल सम्मिश्रण या ethanol blending kya hai व  इससे जुड़े आपके सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

    इथेनॉल सम्मिश्रण क्या है (what is ethanol blending)



    सम्मिश्रण(blending) का शाब्दिक अर्थ है 'मिश्रित करना'। अर्थात् एक पदार्थ को दूसरे पदार्थ में मिलाना।
    पेट्रोल में इथेनॉल की मिलाने की प्रक्रिया ही एथेनॉल सम्मिश्रण कहलाती है। अब सवाल यह उठता है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की जरूरत क्यों पड़ती है? या ऐसा करने से क्या लाभ होता है? आइए अब इसे समझने का प्रयास करते हैं-

    इथेनॉल सम्मिश्रण का क्या लाभ है


    पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के कई लाभ हो सकते हैं पर तीन मुख्य लाभ इस प्रकार हैं-

    पर्यावरण प्रदूषण में कमी


    जब पेट्रोल का प्रयोग वाहनों में किया जाता है तब वाहनों से अपशिष्ट पदार्थ के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड गैस तथा जलवाष्प के अतिरिक्त कुछ अन्य हानिकारक गैसे निकलती है और यह गैसे हमारे वायुमंडल को प्रदूषित करती है। इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड ,नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड गैसे प्रमुख है।

    हानिकारक गैस से निकलने के पीछे मुख्य कारण यह है कि वाहनों के इंजनों द्वारा पेट्रोल का पूर्ण रूप से दहन ना हो पाना। पूर्ण रूप से दहन ना होने के पीछे कारण यह है की पेट्रोल के प्रत्येक अणु में उपस्थित सभी कार्बन को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाती और इसका कुछ भाग शेष रह जाता है जोकि हानिकारक गैसों के रूप में बाहर निकलता है।
    रासायनिक अभिक्रिया कुछ इस प्रकार होती है-

    C8H18 + O2 -----------------> CO2 +H20 +                                                                हानिकारक गैसें

     जबकि दूसरी ओर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में इन प्रदूषक गैसों की मात्रा काफी कम हो जाएगी। क्योंकि एथेनॉल के अणुओं में ऑक्सीजन उपस्थित रहती है तथा एथेनॉल को दहन करने पर केवल कार्बन डाइऑक्साइड तथा जलवाष्प निकलते हैं। इस प्रकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को वाहनों के इंजन पूर्णतः दहन करने में सक्षम हो पाएंगे। यद्यपि कुछ मात्रा में फिर भी हानिकारक गैसे निकलेंगी।

    रासायनिक अभिक्रिया कुछ इस प्रकार है-

    एथेनॉल का दहन

    C2H5OH+O2 ——————>                                         CO2 +H2O

    एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का दहन

    Petrol +ethanol +O2 --------->                             ‌‌            CO2 +H2O 

    इस प्रकार यह प्रयोग काफी सुरक्षित है।


    पेट्रोल आयात पर होने वाले खर्च में कमी


    भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयात करने वाला देश है तथा भारत लगभग 80% तेल आयात के लिए विदेशों पर निर्भर रहता है। 2020- 21 में भारत ने 551 बिलियन अमेरिकी डॉलर का पेट्रोल आयात किया था। यदि भारत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करता है तब तेल पर होने वाला लगभग 4 बिलियन आयात खर्च को बचाया जा सकता है। भारत में इथेनॉल  को मुख्यता गन्ने से  प्राप्त किया जाता है तथा भारत विश्व के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक देशों में से एक है।

    किसानों की आमदनी वृद्धि


    इस विधि द्वारा किसानों को उच्च लाभ होने के आसार हैं क्योंकि इथेनॉल को ,गन्ना ,मक्का ,गेहूं चावल जैसी फसलों से प्राप्त किया जाता है। भारत में 1 लीटर एथेनॉल का मूल्य लगभग ₹ 62 से ₹64 के बीच में है। यदि एथेनॉल सम्मिश्रण की प्रक्रिया भारत में बड़े स्तर पर लागू होती है तब किसानों को उनकी फसलों का अच्छा मूल्य मिलेगा।

    इथेनॉल सम्मिश्रण के नुकसान


    एथेनॉल मिश्रित युक्त पेट्रोल के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जो कि काफी नगण्य है  -

    1. इथेनॉल मिश्रित युक्त पेट्रोल इस्तेमाल करने से वाहनों के इंजन की दक्षता में कमी आ सकती है।

    2. चीनी गुड़ या अन्य मीठे पदार्थों की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। क्योंकि गन्ने का उपयोग इथेनॉल के उत्पादन में किया जाएगा।

    भारत की इथेनॉल सम्मिश्रण नीति


    भारत इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम जनवरी 2003 में शुरू हुआ था। 2018 से पहले काफी कम मात्रा में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रित किया जाता था। 2018 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय जैव ईंधन कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 5% इथेनॉल मिश्रित करने की शुरुआत की थी। 2021 में भारत सरकार ने इथेनॉल मिश्रण की मात्रा बढ़ाकर 10% कर दी। अब भारत सरकार ने 2023 में 20% एथेनॉल पेट्रोल में मिश्रित करने का निर्णय लिया है। यह नियम 1 अप्रैल 2023 के बाद प्रभाव में आएगा। और भारत को यह लक्ष्य हासिल करने के लिए 10अरब लीटर एथेनॉल की जरूरत पड़ेगी।


    इथेनॉल क्या है


    इथेनॉल एक जैव ईंधन है जो कि पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है एथेनॉल का आईयूपीएसी नाम इथाइल एल्कोहल है तथा रासायनिक सूत्र C2H5OH है। इसके रासायनिक सूत्र में ऑक्सीजन उपस्थित है। तथा यह एक जैव निम्नीकरण पदार्थ व इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद सुरक्षित है । इन्हीं खूबियों के कारण इसका उपयोग पेट्रोल में मिश्रित करने के लिए किया जा रहा है।

    इथेनॉल उत्पादन कैसे किया जाता है


    इथेनॉल का उत्पादन ऐसी फसलों से किया जाता है जिनमें स्टार्च की मात्रा उच्च पाई जाती है। इन फसलों को सड़ा कर इनसे इथेनॉल प्राप्त किया जाता है। भारत में इथेनॉल का सर्वाधिक उत्पादन गन्ने की किण्वन प्रक्रिया द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में विभिन्न एंजाइमों का उपयोग किया जाता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQs)


    प्रश्न- विश्व में कौन सा देश सर्वाधिक इथेनॉल पेट्रोल में मिश्रित करता है
    उत्तर-ब्राजील क्योंकि ब्राजील विश्व का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश भी है।

    प्रश्न- क्या एथेनॉल का प्रयोग मदिरा बनाने में किया जाता है
    उत्तर-हाॅ

    प्रश्न- इथेनॉल सम्मिश्रण की शुरुआत कब हुई थी
    उत्तर- इथेनॉल सम्मिश्रण की शुरुआत 1920 से 1930 के दशक में हुई थी।

    प्रश्न-इथेनॉल की खोज किसने की थी
    उत्तर- इथेनॉल की खोज 1796 में Johann lobias lowitz द्वारा की गई थी। उन्होंने चारकोल को छानकर इथेनॉल प्राप्त किया था।

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    Ethanol blending kya hai


    आशा करता हूं कि अब आप समझ गए होंगे कि ethanol blending kya hai आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही हमें अपना समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। यदि आर्टिकल उपयोगी लगा हो तो उसे अन्य लोगों के साथ भी शेयर कीजिए।


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