नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम अग्नीपथ योजना क्या है? इस योजना के लाभ व कमियां क्या है? व इससे जुड़े आपके सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करेंगे तो आर्टिकल को अंत तक पढ़ते रहिएगा।
अग्नीपथ योजना क्या है
यह भारतीय सेना(जल, थल और वायु सेना) में युवाओं की भर्ती की एक नई योजना है इस योजना को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 14 जून 2022 को लागू किया था।
भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारत के तीनों सेना अध्यक्षों अर्थात् जल सेना ,थल सेना ,और वायु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्षों की उपस्थिति में इस योजना की घोषणा की।
भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारत के तीनों सेना अध्यक्षों अर्थात् जल सेना ,थल सेना ,और वायु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्षों की उपस्थिति में इस योजना की घोषणा की।
इस योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं -
1. इस योजना के तहत हर साल 46000 सैनिकों की भर्ती की जाएगी तथा भर्ती होने वाले सैनिकों को अग्निवीर नाम दिया जाएगा।
2. अग्नि वीरों की सेना में भर्ती शुरुआत में केवल 4 साल के लिए होगी जिसमें 6 महीने उनकी ट्रेनिंग का कार्यकाल होगा जबकि बचे हुए साड 3 महीने
वह देश के लिए अपनी सेवा देंगे।
3. इन 4 सालों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 25% अग्नि वीरों को सेना में आगे 15 वर्ष के लिए अपनी सेवा देंगे।
जबकि बचे हुए 75% अग्नि वीरों को रिटायरमेंट पैकेज के साथ रिटायर कर दिया जाएगा।
4. इन 4 साल के कार्यकाल के दौरान अग्नि वीरों का मासिक वेतन 30000 से 40000 के बीच होगा।
5. इस योजना में भर्ती होने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वे कक्षा 10 व 12वीं उत्तीर्ण होने चाहिए जिसमें महिलाएं भी शामिल होंगी।
2. अग्नि वीरों की सेना में भर्ती शुरुआत में केवल 4 साल के लिए होगी जिसमें 6 महीने उनकी ट्रेनिंग का कार्यकाल होगा जबकि बचे हुए साड 3 महीने
वह देश के लिए अपनी सेवा देंगे।
3. इन 4 सालों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 25% अग्नि वीरों को सेना में आगे 15 वर्ष के लिए अपनी सेवा देंगे।
जबकि बचे हुए 75% अग्नि वीरों को रिटायरमेंट पैकेज के साथ रिटायर कर दिया जाएगा।
4. इन 4 साल के कार्यकाल के दौरान अग्नि वीरों का मासिक वेतन 30000 से 40000 के बीच होगा।
5. इस योजना में भर्ती होने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वे कक्षा 10 व 12वीं उत्तीर्ण होने चाहिए जिसमें महिलाएं भी शामिल होंगी।
आइए अब समझते हैं की इस योजना के लाभ क्या है
- 4 साल के बाद रिटायर होने वाले 75% अग्नि वीरों को राज्यो व केंद्रीय मंत्रालयों की सभी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी अर्थात इन नौकरियों में इन्हें पूर्व सैनिक कोटे का लाभ मिलेगा।
- 24 साल के कार्यकाल के दौरान अग्निवीरो के लिए सरकार की ईपीएफ व पीपीएफ योजनाओं के लाभ का प्रावधान होगा।
- इस सेवा के दौरान अग्नि वीरों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए भारत सरकार द्वारा स्नातक की डिग्री भी दी जाएगी। इस स्नातक डिग्री के लिए सिलेबस इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय(IGNOU) द्वारा तैयार किया जाएगा।
- इस कार्यकाल के दौरान अग्निवीर विभिन्न सैन्य मेड़लो व सम्मान के भी हकदार होंगे।
इस योजना की कमियां क्या है
- इस योजना में ज्यादातर अग्निवीर केवल 4 साल के लिए ही भारतीय सेना में अपनी सेवा दे पाएंगे अर्थात् वे लंबे समय तक भारतीय सेना में अपनी सेवा नहीं दे पाएंगे। यह 4 साल में उनके द्वारा किए गए प्रदर्शन पर आधारित होगा।
- 24 साल के बाद जब अग्निवीर रिटायर होंगे तो उन्हें किसी भी प्रकार की पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है।
- अग्निवीर रिटायर होने के बाद उन्हें केंद्र की और राज्य की नौकरियों में प्राथमिकता तो दी जाएगी पर उनके लिए नौकरी पाना इतना आसान भी नहीं रहेगा।
प्रत्येक चीज के कुछ फायदे और नुकसान जरूर होते हैं हमें जरूरत है कि हम एक सकारात्मक रवैया अपनाकर उसका सामना करें।
तो यह थी इस योजना के कुछ लाभ और कुछ कमियां आज किस आर्टिकल में बस इतना ही हमें अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
